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सौर सुजला योजना से बदल रही किसानों की तकदीर

किसान भाई-बहनों की सिंचाई कार्य में सहायता हेतु संचालित सौर सुजला योजना से राज्य के हजारों किसानों की तकदीर तेजी से बदल रही है। बैकुण्ठपुर (कोरिया) जिले के ग्राम डोंगरिया निवासी श्री साहेबराम ने कभी अपने खेतों में सिंचाई करने की कल्पना नहीं की थी, क्योंकि उनके खेत तक बिजली की पहुंच नहीं थी. सिंचाई नहीं कर पाने के कारण खेती वर्षा पर निर्भर थी. सौर सुजला योजना से अब उनके खेत में सोलर पम्प की स्थापना से भरपूर सिंचाई हो रही है और फसल लहलहा रही है. श्री साहेबराम ने कहते हैं कि “जब उन्हें सौर सुजला योजना की जानकारी मिली तो तुरंत आवेदन किया. जल्द ही छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा उनके खेत में तीन हॉर्सपावर का सोलर पम्प स्थापित कर दिया गया, जिससे उनकी तीन एकड़ बंजर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिली. अब वे इस भूमि पर टमाटर, बैंगन, मटर की खेती कर रहे हैं.”

इसी तरह जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम केंदापानी निवासी श्री दिलबहार सिंह की जमीन में भी इस योजना के तहत सोलर पम्प स्थापना से हरियाली खिलने लगी है. दिलबहार सिंह बताते हैं कि “पहाड़ी इलाके में खेती होने की वजह से जीवनयापन के लिए वनोपज का संग्रहण और मजदूरी का कार्य भी करना पड़ता था. सौर सुजला योजना के तहत तीन एचपी का सोलर पम्प मिलने पर अब रबी फसलों की खेती भी अच्छी तरह से कर पा रहे हैं.”

सौर सुजला योजना के तहत तीन हॉर्सपावर और पांच हॉर्सपावर क्षमता वाले सौर ऊर्जा संचालित सिंचाई पम्प किसानों को बेहद कम कीमत पर दिए जा रहे हैं. अगले साल 31 मार्च तक राज्य में लगभग 51 हजार किसानों को इस योजना में शामिल करने का लक्ष्य है. अन्नदाता किसानों की समृद्धि में राज्य का कल्याण निहित है.