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बोनस मिलने से बच्चों के भविष्य को संवारने में मिली मदद

“धान बोनस की राशि मिलने से मैं अपने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर आत्मनिर्भर बनाऊंगा. बोनस की राशि से बच्चों का भविष्य संवारने में मुझे मदद मिल रही है. मैं पहले बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए आर्थिक तंगी से गुजर रहा था, किन्तु छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को धान बोनस देकर बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की चिंता से मुक्त किया है. राज्य के मुखिया डॉ. रमन सिंह जी और छत्तीसगढ़ सरकार को बहुत-बहुत धन्यवाद.” यह विचार है औंराभाठा जिला रायगढ़ के किसान त्रिलोचन पटेल जी का. त्रिलोचन बताते हैं कि पहले खेती के लिए रूपए उधार लेकर खाद-बीज खरीदकर खेती-किसानी काम करते थे, किन्तु सरकार द्वारा किसानों के हित में कार्य करते हुए ब्याजमुक्त कृषि ऋण देने से हम जैसे किसानों को साहूकारों के चंगुल से मुक्ति मिली है. आज सहकारी समिति के माध्यम से कृषि ऋण और खाद-बीज मिल रहा है, जिससे हम मन लगाकर कृषि कार्य में लगकर अपनी फसल की पैदावार बढ़ाने कार्य करते रहते है. शाकंभरी योजना का लाभ लेकर पंप स्थापित किया हूं, जिससे फसलों की सिंचाई कर भरपूर पैदावार ले रहा हूं. मेरे पास 8 एकड़ खेती की जमीन है और 120 क्विंटल धान बेचकर 36 हजार रूपए बोनस के रूप मिला है. बोनस की इस राशि को बच्चों की शिक्षा में खर्च करूंगा, जिससे मेरे बच्चे उच्च शिक्षा ग्रहण कर आगे बढ़ सके. धान बोनस मिलने हम जैसे किसानों के घरों में समृद्धि और खुशहाली आयी है.