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शासन से मिली रेडियो से सुदूर गांव की पहाड़ी कोरवा भी सुन पाती हैं रमन के गोठ

कोरबा शहर से लगभग 100 किलोमीटर दूर माटीमाड़ा की पहाड़ी कोरवा बिफन धुरमुनी का पूरा दिन अपने पारा में या फिर आसपास के घने जंगल में गुजरता है, बावजूद इसके बिफन धुरमुनी को शासन की कई गतिविधियों की जानकारी है साथ ही उनका मनोरंजन भी हो जाता है. पहाड़ी कोरवा परिवारों को निःशुल्क रेडियो प्रदान किए गए हैं. इसी के तहत बिफन धुरमुनी को भी रेडियो मिला है जिससे वे हर माह के दूसरे रविवार को आकाशवाणी में प्रस्तुत रमन के गोठ आसानी से सुन पाती हैं.

रेडियो में रमन के गोठ सुनने वाली पहाडी कोरवा बिफन बाई ने बताती हैं कि “रमन के गोठ के माध्यम से प्रदेशभर की गतिविधियों और शासन की योजनाओं की जानकारी तो मिलती ही है, साथ ही खाली समय में रेडियो में गीत, संगीत के कार्यक्रम से उसका मनोरंजन भी होता है. लगभग एक साल पहले उसे निःशुल्क में रेडियो और छाता मिला था. यह रेडियो आज उनका मित्र बन गया है. घर में रेडियो ही मनोरंजन का सबसे उपयोगी साधन बना हुआ है. रमन के गोठ, समसमायिक तीज त्यौहारों की बधाई, विभिन्न आयोजनों एवं कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं महिलाओं से भी संबंधित कार्यक्रमों की जानकारी मिलने के साथ महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी भी मिलती है.” ख़ुशी होती है जब जनता की भलाई हेतु किया गया प्रयास सफल होता है, समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का पूर्ण विकास ही हमारा लक्ष्य है.