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तापमान
छत्तीसगढ़ भारत के मध्य पूर्वी भाग में स्थित है। इस कारण यहां की जलवायु भारत के समान ही उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु या शुष्क उप-आर्द्र(क्तल ैनइ ीनउपक) है। छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग (सरगुजा-कोरिया जिले) से होकर कर्क रेखा के गुजरने के कारण यहां ग्रीष्म ऋतु अत्यधिक गर्म तथा शीत ऋतु ठंडी होती है। छत्तीसगढ़ में 21 मार्च के बाद सूर्य क उत्तरायण होने के कारण सूर्य की किरणें सीधी होती जाती हैं तथा तापमान बढ़ने लगता है। राज्य में सबसे अधिक तापमान मई माह में लगभग 45° सेण्टीग्रेड हो जाता है। सबसे कम तापमान दिसंबर माह में लगभग 18° सेण्टीग्रेड होता है। यहां सामान्यतः मई-जून सर्वाधिक गर्म तथा दिसम्बर-जनवरी का महीना सर्वाधिक ठण्डा होता है। चांपा राज्य का सबसे गर्म तथा अम्बिकापुर सबसे ठण्डी जगह है।
वर्षा
भारत के मध्य पूर्वी भाग में स्थित होने से छत्तीसगढ़ में समुद्र का प्रभाव ज्यादा नहीं पहुंच पाता है जिससे यहां तटीय राज्यों की अपेक्षा वर्षा का औसत कम पाया जाता है। यहां वर्षा की प्रकृति मानसूनी है। राज्य में अधिकांश वर्षा जून से सितम्बर तक होती है तथा कुछ वर्षा चक्रवातों में दिसम्बर एवं जनवरी में होती है। यहां सर्वाधिक वर्षा बंगाल की खाड़ी से उठने वाले मानसून से होती है। वर्षा की मात्रा पूर्व से पश्चिम की ओर क्रमशः कम होती जाती है। राज्य में सर्वाधिक वर्षा अबूझमाड़ की पहाडि़यों में होती है। यहां पर वार्षिक वर्षा का औषत 187.5 सेण्टीमीटर है। छत्तीसगढ़ में सबसे कम वर्षा का क्षेत्र उत्तरी दुर्ग है।
ऋतुएं
1. ग्रीष्म ऋतु -  छत्तीसगढ़ में ग्रीष्म ऋतु मध्य फरवरी से मध्य जून तक होती है। यहां 21 मार्च के बाद सूर्य के उत्तरायण होने से गर्मी धीरे-धीरे बढ़ती जाती है तथा मई माह में पूरे राज्य का तापमान 40° सेण्टीग्रेड से 46° सेण्टीग्रेड के बीच पाया जाता है। इस समय गर्म और शुष्क हवाऐें चलती हैं जिन्हें लू कहते हैं। साधारणतः यह सूखी ऋतु होती हैं फिर भी राज्य में औसम 2.5 से 12.5 से.मी. तक वर्षा हो जाती है।
2. वर्षा ऋतु-   छत्तीसगढ़ में वर्षा ऋतु मध्य जून से मध्य अक्टूबर तक होती है। प्रदेश में वर्षा का आगमन मानसून के साथ होता है, जो यहां सामान्यतः 15 से 20 जून के मध्य पहुंचती है। प्रदेश में मानसून के बंगाल की खाड़ी तथा अरब सागर दोनों ही धाराओं से वर्षा होती है। किंतु अधिकतम् वर्षा बंगाल की खाड़ी में आए मानसून द्वारा होती है। राजनांदगांव जिले के पश्चिम में स्थित मैकल श्रेणी का पूर्वा भाग एक वृष्टिछाया वाला क्षेत्र है।
3. शीत ऋतु-   छत्तीसगढ़ में शीत ऋतु मध्य अक्टूबर से मध्य फरवरी तक होती है। 21 सितम्बर को सूर्य के दक्षिणायन होने के साथ ही राज्य में सूर्य की किरणें तिरछी होने लगती हैं और तापमान गिरना प्रारंभ हो जाता है। राज्य में न्यूनतम तापमान दिसम्बर एवं जनवरी माह में रहता है। राज्य में सबसे अधिक ठण्ड जशपुर पाट क्षेत्र में पड़ती है। शीत ऋतु में राज्य का औसत तापमान 16° से 20° सेण्टीग्रेड के मध्य रहता है।