छत्तीसगढ़ - गौरवशाली इतिहास

छत्तीसगढ़ का पहला ऐतिहासिक उल्लेख कोसल के रूप में रामायण में मिलता है । इसके अनुसार भगवान श्रीराम की माता कौशल्या कोसल के राजा भानुमंत की पुत्री थी । भानुमंत का कोई पुत्र नही होने के कारण राजा दशरथ को कोसल का भी राज्य मिला । छत्तीसगढ़ के कई स्थानों का संबंध रामायण से जोड़ा जाता है ।

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राज्य का सही आकार

(1). राज्य का कुल क्षेत्रफल - 1,35,361 वर्ग किलोमीटर
(2).क्षेत्रफल के हिसाब के देश का 9 वां बड़ा राज्य
(3).क्षेत्रफल के हिसाब के देश का 9 वां बड़ा राज्य

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नदियों का संसार

प्रदेश में मुख्यतः चार अपवाह तंत्र महानदी, गंगा, गोदावरी, नर्मदा है। जिसके अंतर्गत महानदी, शिवनाथ,अरपा, इंद्रावती, सबरी, लीलागर, हसदो, मांड, पैरी तथा सोंढूर प्रमुख नदियां है । महानदी छत्तीसगढ़ की जीवन रेखा है । बस्तर की नदियों को छोड़कर छत्तीसगढ़ की अन्य प्रमुख नदियां - शिवनाथ, अरपा, हसदो, सोंढूर, जोंक आदि महानदी में मिलकर इस नदी का हिस्सा बन जाती है। महानदी तथा इसकी सहायक नदियां पुरे छत्तीसगढ़ का 58.48 प्रतिशत जल समेट लेती है ।

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जंगल की भरमार

राज्य के कुल वन क्षेत्र के लगभग 45 प्रतिशत भाग पर है। साल वृक्षों की उंचाई 12 से 30 मीटर तक होती है। लकड़ी कठोर एवं टिकाउ होने के काण रेल्वे स्लीपर बनाने में उपयोगी है । रायगढ़, जशपुर, बिलासपुर, रायपुर, कोरिया, बस्तर, तथा सरगुजा जिलों में साल वनों का विस्तार सर्वाधिक है।

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जलवायु खुशगवार

छत्तीसगढ़ भारत के मध्य पूर्वी भाग में स्थित है। इस कारण यहां की जलवायु भारत के समान ही उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु या शुष्क उप-आर्द्र(क्तल नइ नउपक) है। छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग (सरगुजा-कोरिया जिले) से होकर कर्क रेखा के गुजरने के कारण यहां ग्रीष्म ऋतु अत्यधिक गर्म तथा शीत ऋतु ठंडी होती है। छत्तीसगढ़ में 21 मार्च के बाद सूर्य क उत्तरायण होने के कारण सूर्य की किरणें सीधी होती जाती हैं तथा तापमान बढ़ने लगता है। राज्य में सबसे अधिक तापमान मई माह में लगभग 45° सेण्टीग्रेड हो जाता है। सबसे कम तापमान दिसंबर माह में लगभग 18° सेण्टीग्रेड होता है। यहां सामान्यतः मई-जून सर्वाधिक गर्म तथा दिसम्बर-जनवरी का महीना सर्वाधिक ठण्डा होता है। चांपा राज्य का सबसे गर्म तथा अम्बिकापुर सबसे ठण्डी जगह है।

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माटी का व्यवहार

यहां की मिट्टियों को कन्हार, डोरसा, मटासी एवं भाटा में वगीकृत किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ में पाई जाने वाली मिट्टियों में सर्वत्र धान पैदा किया जाता है। क्योंकि यह धान की फसल के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा भी कहा जाता है।

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खेती की पैदावार

खरीफ फसल - यह फसल वर्षा ऋतु के प्रारंभ में बोकर शीत ऋतु के प्रारंभ में काटी जाती है।

रबी फसल-यह फसल शीत ऋतु के प्रारंभ में बोयी तथा ग्रीष्म ऋतु के प्रारंभ में काटी जाती है।

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