शिक्षा
छत्तीसगढ़ सूचना शक्ति योजना-
प्रदेश की समस्त बालिकाओं को निःशुल्क कम्प्यूटर शिक्षा प्रदान करने हेतु -
  • एन.आई.आई.टी. द्वारा कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
  • प्रदेश के 1189 हाईस्कूल एवं उ.मा.वि. 186000 बालिकाओं के लिए 54/- रूपये प्रति छात्रा की दर से शासन द्वारा भुगतान किया गया है।
  • प्रदेश के 16 जिलों में जिला कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना की गई है ।
  • प्रदेश में सत्र 2009-10 से 400 केन्द्रों का संचालन किया गया, जिसमें लगभग 78 हजार बालिकाएं लाभान्वित हुई ।
  • वर्तमान में 300 विद्यालयों में आई.सी.टी. योजना संचालित है एवं 1900 विद्यालयों के लिए प्रस्तावित है। इस योजना हेतु वर्ष 2010-11 में 3695.50 लाख का प्रावधान है।
सरस्वती सायकल प्रदाय योजना (निःशुल्क)
राज्य के हाई स्कूलों में अध्ययनरत अनु.जाति एवं अनु.जनजातियों के बालिकाओं को निःशुल्क सायकल प्रदाय कर बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित किया जा रहा है सत्र 2007-08 से नवमी कक्षा में अध्ययनरत् पिछड़ा वर्ग एवं सामान्य वर्ग की बी.पी.एल. परिवार की बालिकाओं को भी सायकल के प्रदाय से जहां शालाओं में आवागमन की सुविधा है वहीं बालिकाएं शिक्षा के प्रति आकृष्ट हुई ।
 
निःशुल्क गणवेश योजना
  • प्राथमिक विद्यालय (1 से 5) की अजा, अजजा, एवं बी.पी.एल वर्ग के अध्ययनरत् छात्रों को निःशुल्क गणवेश योजना अंतर्गत प्रदान किया जाता है
  • वर्ष 2009-10 में कुल राशि रू. 9.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे कुल 5.4 लाख छात्राओं को निःशुल्क गणवेश योजना का लाभ प्राप्त हुआ ।
 
छात्र दुर्घटना बीमा योजना
इस योजनान्तर्गत् शासकीय एवं अनुदान प्राप्त, प्राथमिक विद्यालय से लेकर महाविद्यालयीन स्तर तक अध्ययनरत् छात्र - छात्राओं को दुर्घटना बीमा का संरक्षण प्रदान किया गया है। जिसमें दुर्घटना - जनित मृत्यु, पूर्ण अपंगता अथवा स्थाई अपंगता होने पर 10,000 रूपये एवं एक अंग भंग होने पर अथवा आंशिक अपंगतापर 5,000 रूपये एवं उपचार हेतु 500 रूपये की सहायता प्रदान की जाती है ।
निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण / पुस्तकालय योजना
  • इसके अंतर्गत कक्षा 1 से कक्षा 8 तक के सभी छात्र/छात्राओं को निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरित किया जा रहा है।
  • वर्ष 2005-06 से कक्षा 9 से 10 तक के शासकीय एंव अनुदान प्राप्त शालाओं में अध्ययनरत बालिकाओं को निःषुल्क पुस्तके प्रदान की गई है।
  • वर्ष 2008-09 से कक्षा 11 से 12 तक अनु.जा., अनु.जन.जा. एवं समस्त बालक-बालिकाओं को पुस्तक योजना के माध्यम से पाठ्यपुस्तक एवं अन्य पुस्तकें प्रदाय की जावेगी।
  • वर्तमान में सर्व शिक्षा अभियान एवं स्कूल शिक्षा विभाग (पाठ्यपुस्तक निगम) के माध्यम से कक्षा 1 से 8 तक के सभी छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तक प्रदान कर रही है।
 
मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम
  • योजना में औसतन 200 कार्य दिवसों तक पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इस वर्ष 230 दिवस मान्य किया गया है।
  • प्रदेश के 146 विकासखण्डों के 47175 शालाओं में 4022261 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। प्रदेश में शालाओं में पंचायत द्वारा 18672 शालाओं के महिला स्व-सहायता समूह द्वारा 268 शालाओं में स्थानीय निकायों, 182 शालाओं में स्वयं सेवी संगठन पहल द्वारा एवं शेष शालाओं में शाला विकास समिति एवं जनभागीदारी समिति द्वारा भोजन पकाया जा रहा है ।
  • मध्यान्ह भोजन केन्द्रों के प्रबंधन, मानीटरिंग एवं मूल्यांकन हेतु 172.12 लाख का व्यय प्रस्तावित है। इसमें बाह्य एजेन्सी के द्वारा मूल्यांकन कराया गया । इस हेतु जिला मुख्यालय में कम्प्यूटर आपरेटर रखा गया है ।
 
पुस्तकालय योजना
प्रदेश के समस्त हाई एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्रन्थालय स्थापित किये जाने हेतु इस योजना का प्रारंभ किया गया। इस योजनान्तर्गत् वर्ष 2009-10 में प्रदेश के सभी विद्यालयों के लगभग 2 लाख विद्यार्थियों को इसका लाभ प्रदान किया गया है। वर्ष 2010-11 में 2 लाख 50 हजार विद्यार्थियों को लाभ प्रदान किए जाने का लक्ष्य है। इस हेतु वर्ष 2009-10 में 5 करोड़ 83 लाख का बजट प्रावधानित था, वर्ष 2010-11 में 6 करोड़ 30 लाख का बजट प्रावधान किया गया है।
बालिका प्रोत्साहन योजना
बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कक्षा 9वीं में प्रवेश करने वाली बालिकाओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इस योजना के तह्त स्कूल शिक्षा विभाग तथा आदिम जाति कल्याण विभाग की समस्त अनुसूचित जाति, जनजाति बालिकाओं तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के समस्त बालिकाओं को जो कक्षा 8वीं उत्तीर्ण कर 9वीं में प्रवेश ली है उन्हे 3 हजार रूपये के मान से एफ.डी. के रूप में उनके बैंक खाते में जमा कराया गया है। इस योजनान्तर्गत् वर्ष 2009-10 में प्रदेश के 24590 बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं। तथा वर्ष 2010-11 में लगभग 31000 बालिकाओं को लाभ प्रदान किए जाने का लक्ष्य है। वर्ष 2009-10 में 7 करोड़ 37 लाख 70 हजार राशि प्रदान की गई है तथा वर्ष 2010-11 में 8 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
 
यूरोपियन कमीशन राज्य साझेदारी योजना
राज्य की संचालित योजनाओं के बजट की कमी की पूर्ति तथा राज्य की आवश्यकतानुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान किए जाने हेतु नवीन योजना को लागू किये जाने का उद्देश्य है। यह योजना वर्ष 2007-08 से लागू की गई है जो 5 वर्षों तक जारी रहेगी। इस योजना के तह्त 18 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण तथा लगभग 42 लाख विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था किए जाने का लक्ष्य है। वित्तीय वर्ष 2009-10 में इस योजनान्तर्गत् 55 करोड़ की राशि प्रदान की गई है तथा वित्तीय वर्ष 2010-11 में पुनः 55 करोड़ का प्रावधान किया गया है।