ऊर्जा
  • छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है जहां 24 घंटे, बिना कटौती के बिजली आपूर्ति होती है ।
  • आगामी 5 वर्षों में 40 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन प्रस्तावित है, जिस पर 2,00,000 करोड़ रूपए की पूंजी निवेश होगा.
  • इस तरह बढ़े हुए बिजली उत्पादन से छत्तीसगढ़ को 14 हजार मेगावॉट अतिरिक्त बिजली मिलेगी ।
  • छत्तीसगढ़ का कोरबा शहर भारत की ऊर्जा राजधानी बन रही है । यहां 3 वर्षो में 10 हजार मेगावॉट के बिजलीघर लगने से यह देश में सर्वाधिक बिजली उत्पादन करने वाला शहर बन जायेगा ।
 
  • उत्पादन के साथ बिजली की निर्बाध तथा गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति के लिए आगामी 3 वर्षो में बिजली पारेषण तथा वितरण के लिए 17 हजार करोड़ रूपए का निवेश किया जायेगा ।
  • राज्य को पार हब बनाने से इसका लाभ आम आदमी और खास कर गरीबों को दिलाने के विशेष प्रयास किये गये हैं, जिसके तहत सिंचाई पंपों की संख्या 72 हजार से बढ़कर 2,67,000 कर दी गई है। किसानों को उनके पांच हार्सपावर तक के पंपों पर प्रति वर्ष 6 हजार यूनिट बिजली दी जा रही है । एकल बत्ती कनेक्शनधारी 13 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क बिजली दी जा रही है । एकल बत्ती कनेक्शनधारी 13 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क बिजली दी जा रही है ।
देश का पावर हब
  • राज्य में ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक सुधार किये गये हैं । राज्य विद्युत कम्पनियों की उत्पादन क्षमता 1360 मेगावॉट से बढ़ाकर 1,924 मेगावॉट कर दी गई है।
  • ताप विद्युत संयंत्रों का संयंत्र उपयोगिता घटक 65.72 से बढ़ाकर 85.25 कर दिया गया है ।
  • पारेषण वितरण नेटवर्क में विस्तार के तहत 200 केवी लाईन 1594 सर्किट किलोमीटर से बढ़कार 4661 सर्किट किलोमीटर कर दी गई है । 220 केवी तथा 132 केवी उपकेन्द्रो की संख्या 25 से बढ़ाकर 66 की जा चुकी है ।
  • राज्य विद्युत कंपनियों में अनुकंपा नियुक्ति के तहत 1259 लोगो की भरती की गई है इस तरह विभिन्न पदों पर करीब पांच हजार लोगों की भरती की गई है।