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डेयरी व्यवसाय ने दिया आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार

आज युवा अपनी नई सोच एवं अभिनव विचारों से प्रदेश की उन्नति के लिए जी-जान से जुटे हुए हैं. पशुओं से लगाव रखने वाले सक्ती के निवासी 23 वर्षीय श्री योगेश देवांगन आज डेयरी व्यवसाय अपना कर दूसरों को रोजगार देने रहे हैं. योगेश को डेयरी फार्म खोले केवल साढ़े चार माह ही हुए हैं, जहां प्रतिदिन करीब 160 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है. स्थानीय बाजार में दूध की बिक्री से योगेश को प्रतिमाह 50 हजार रू. से ज्यादा आय हो रही है. बचपन से ही पशुओं से लगाव होने के कारण योगेश उनसे संबंधित काम करना चाहते थे. डेयरी पालन व्यवसाय को चुनकर उनकी यह इच्छा पूरी हुई. आज वे बहुत खुश हैं जिसका पूरा श्रेय वे मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना और राज्य डेयरी उद्यमिता योजना को देते हैं.

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना में डेयरी फार्मिंग व्यवसाय में प्रशिक्षण के बारे में पता चलने पर योगेश सक्ती में एक माह का निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त किया. प्रशिक्षण पूर्ण होने पर योगेश ने डेयरी फार्म खोलने के लिए पशुधन विकास विभाग में राज्य डेयरी उद्यमिता योजना के तहत ऋण हेतु आवेदन दिया जिसे तत्काल स्वीकार कर लिया गया. आज यह डेयरी व्यवसाय उनके जीवन का मजबूत आधार बन चुका है. यह भी उल्लेख करने वाली बात है कि वर्तमान में योगेश दो बेरोजगार परिवारों को अपने फार्म में रोजगार प्रदान कर रहे हैं. डेयरी व्यवसाय की सफलता से उत्साहित योगेश ने साढ़े चार माह की आमदनी में से कुछ राशि मछलीपालन और कृषि कार्य (टमाटर और बैंगन) में भी लगाया है. योगेश ने बताया कि पहले घर के लोग उनकी नौकरी छोड़ने से सहमत नहीं थे, लेकिन कम समय में बड़ी सफलता से माता-पिता सहित परिवार के सभी सदस्य काफी खुश हैं. अपनी इस सफलता के लिए योगेश छत्तीसगढ़ सरकार व संचालित योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हैं.